Smart Gurugram : 17 हजार सड़कों की डिजिटल मैपिंग पूरी, अब काम में लापरवाही पर नपेंगे अफसर
डिजिटल मैपिंग का दायरा केवल मुख्य शहर तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, सोहना और पटौदी क्षेत्र की सड़कों की मैपिंग भी पूरी कर ली गई है।

Smart Gurugram : साइबर सिटी की टूटी सड़कों और जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए एक महायोजना (Master Plan) तैयार की है। इस योजना के तहत निगम क्षेत्र की सभी 17,627 सड़कों का डिजिटल सर्वे (GIS Mapping) पूरा कर लिया गया है। अब निगम के अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही यह जान सकेंगे कि किस गली या सड़क की स्थिति कैसी है और कहाँ मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है।
नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि ‘हर गली सड़क’ पोर्टल के तहत सड़कों का भू-स्थानिक (Geo-Spatial) सर्वेक्षण किया गया है। इसका डेटा मैपिंग के लिए हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (HARSAC) को भेज दिया गया है। डिजिटल मैपिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब मरम्मत के लिए फिजिकल इंस्पेक्शन (मौके पर जाकर जांच) की औपचारिकता में समय बर्बाद नहीं होगा। ऑनलाइन डेटा के आधार पर ही टेंडर और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।

डिजिटल मैपिंग का दायरा केवल मुख्य शहर तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, सोहना और पटौदी क्षेत्र की सड़कों की मैपिंग भी पूरी कर ली गई है। इसके अलावा, शहर के 473 किलोमीटर लंबे ड्रेनेज नेटवर्क में से करीब 350 किलोमीटर हिस्से की सफाई पूरी हो चुकी है। निगम का लक्ष्य साल 2026 तक पूरे शहर को ‘गाद मुक्त’ (Silt-free) बनाना है, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
बैठक के दौरान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जमे कचरे को प्रोसेस करने का लक्ष्य फरवरी 2028 तक रखा गया है।










